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विषय-वस्तु :: Articles |
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हमार दुरगत बा ई महगाई से
:: लेखक (संकलक) :: sanjay singh
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हमार दुरगत बा ई महगाई से ---------
तनखाह कम बा खरचा ढेरो बा
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मत देख
:: लेखक (संकलक) :: Shyama Singh
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मत देख बार-बार
सनेह भरल नजरिया से,
कुछ दरके लागेला।
संसकारन के ताबूत में
करतब्यन के कफ़न ओढ़
दफ़न हो चुकल लाश से
कुछ सरके लागेला।
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नाता
:: लेखक (संकलक) :: Shyama Singh
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कवनो-कवनो नाता,
बेनामो निमन लागेला।
मुँह ना ताके,
कवनो संबोधन के,
मनवां के भीतर,
दिया के बाती
अइसन जरत रहेला।
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