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विषय-वस्तु :: Article |
ननà¥à¤¦ नगारि के राजकà¥à¤®à¤¾à¤°, किषना जैसन केहॠना बा, हो कइलन गौवाल बाल सनग लीला हजार, वैसन केहॠना बा २
शयाम वरन, घà¥à¤˜à¤°à¤¾à¤²à¥‡ बाल.. , नटखट, मनमोहक उनकर चाल, सारा जगत के राखेलेन खयाल, वैसन केहॠना बा, वैसन केहॠना बा.. ननद नगरि के राजकà¥à¤®à¤¾à¤°, किषना जैसन केहॠना बा,
राधा जी के पऋयतम हउवन..., रà¥à¤•मीन जी के जान..., मीरा जी के लागल शयामा से धयान...।
सà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¸ कयीलन गजबे बखान..., माखन चोर नटखट घनशयाम..., जिनकर लिला बावे ापरमपार।।
ारेह, ननद नगारि के राजकà¥à¤®à¤¾à¤°, किषना जैसन केहॠना बा, हो कइलन गौवाल बाल सनग लीला हजार, वैसन केहॠना बा २
जब २ धरती पर बडल ातयाचार, सनतन के जियल कइले राखचस दà¥à¤¶à¤µà¤¾à¤°,लीलाधर लेलेनी ाौतार,
दà¥à¤·à¤Ÿà¤¨ के करि ले सनहार, सनतन पर करीले, कऋपा बारेबार,वइसन केहॠना बा, वइसन केहॠना बा।
ारेह, ननद नगारि के राजकà¥à¤®à¤¾à¤°, किषना जैसन केहॠना बा, हो कइलन गौवाल बाल सनग लीला हजार, वैसन केहॠना बा २
सानचे कहिले à¤à¤‡à¤¯à¤¾ करिह विशवास, कऋषना लगइहन à¤à¤µà¤¸à¤¾à¤—र पार, पऋत के सागर हउवन,ामरीत के खान, à¤à¤•त वतसल, शऋ हरि के अवतार, ऊनके शरण मे होइ सबकर उधार, वइसन केहॠना बा, वइसन केहॠना बा।। ननद नगारि के राजकà¥à¤®à¤¾à¤°, किषना जैसन केहॠना बा, हो कइलन गौवाल बाल सनग लीला हजार, वैसन केहॠना बा २
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